पशु-पक्षी हमारे दोस्त है! हमें इनकी मदद करनी चाहिए!






 नमस्कार दोस्तों

में सोनू आपके लिए लेकर आया हूँ एक और नया हिंदी विचार ....जरूर पढे  धन्यवाद्
आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूँ !की हमें पशु पक्षीयों का संरक्षण करना चाहिए, उनकी मदद करना हमारा कर्तव्य ही नहीं, बल्कि एक प्रयास होना चाहिए उनको बचाने का ,उनके प्रति दयाहीनता के  भाव को जड़ से ख़तम करने  का !...

दोस्तों यदि हम पक्षियों की बात करे तो यह मनुष्य को किसी भी प्रकार से हानि नहीं पहुंचाते है और नाही किसी का नुकशान करते है फिर क्यों कोई इनको नुकशान पहुंचता है इनका बेरहमी से शिकार करता है आदि बातो को ध्यान में रखते हुए इनकी रक्षा करनी चाहिए

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                   आप सभी को पता होगा ही की अब गर्मियों के मौसम का आगमन हो गया है! गमर्मियों का मौसम मनुष्यों के लिए ही नहीं वरन पशु-पक्षी,जीव जन्तुओ के लिए भी हानिकारक साबित होता है! गर्मियों के मौसम में पानी अहम् भूमिका निभाता है ....दोस्तों पानी मनुष्यों के साथ साथ जीवजन्तुओ और पशु पक्षियों के लिए भी बहुत जरूरी है यदि पानी की कमी होती है तो हमें अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और इसके कारण  पशु पक्षी  भी पानी नहीं मिलने से बेमौत मारे जाते है!






                 पहले गोरैया गॉव और शहर में सभी के घर के आँगन में दिन भर फुदकति रहती थी पर अब न जाने यह गौरैयाँ कहाँ लुप्त हो गयी है अब शहरों में भी बहुत कम दिखाई देती है! इसका मुख्य कारण शहरों में बिजली का जाल और बड़े बड़े टावरों  को बताया गया  है जिसकी बजह से अनेक  पक्षियों की बिजली की चपेट में आ जाने से जान  चली जाती  है! दोस्तों हम बात कर रहे थे गर्मियों के मौसम की , इस मौसम में पक्षीयों को दाना और पानी देना बहुत ही जरूरी होता है यदि बात करे गोरैया की तो आप इस तरह इनकी मदद कर सकते है! जब हम किसी की मदद करते है तो हमारे हृदय में एक बहुत ही अच्छी प्रसन्नता और ख़ुशी जाग्रत होती है जिसकी अनुभूति से हमारा मन और तन दोनों मदद रूपी सागर में डूब जाता है मेरा कहने का मतलब हमें इनकी मदद करनी चाहिए!
यदि आप इनकी मदद करना चाहते है, तो इस तरह कर सकते है!\n

  1. आप एक बर्तन ले , बर्तन मिटटी का हो तो और भी अच्छा रहता है क्यूंकि इसमें पानी गरम नहीं होता है , आप इस बर्तन में साफ पानी ले , और अपने घर के छत पर या फिर बरामदे अथवा कोई ऐसी जगह जो खुली हो  जहां पर पक्षी आते हो ऐसे स्थान पर साफ पानी वाला बर्तन रख सकते है 
  2. पक्षी हरियाली वाले स्थान पर ज्यादा आते है तो आप गमले में हरियाली वाली घास या पौधे लगा सकते है उनको देख कर पक्षी या अपनी गोरैया जरूर आएगी और अपनी प्यास भुजाएगी 
  3. दोस्तों यदि आपके घर के आसपास पेड़ है तो वह पर अवश्य ही पक्षी आते होंगे , आप उन्हें बुलाने के प्रयास कर सकते है उन्हें दाना डालेंगे तो वह जरूर रोज आएंगे 
हमे पक्षियों के साथ साथ हमारे पालतू जानवर जैसे कुत्ता गाये या और भी जानवर की हर तरह से मदद करनी चाहिए
                      दोस्तों अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा की यह हमें क्यों बता रहा है तो दोस्तों में मेरे मन में यह विचार तब आया जब में घर से कही जा रहा था तो मुझे रास्ते में एक गोरैया नीचे गिरी हुयी मिली जब मेने उसे उठाने का प्रयास किया तब तक उसके पंख पखेरू उड़ गए थे , जब मेने ऊपर नज़र डाली तो देखा उसकी मौत करंट से हुई बतायी गयी!
                 जिसका मुझे बहुत दुख: हुआ और मेने यह लिख दिया यदि आपको यही सही लगा तो आप सभी के साथ शेयर कर सकते है और मुझे नीचे कमेंट में भी बता सकते है



  चिड़िया फुर्र-फुर्र उड़ती है,


हाथ लगाओ डरती है।




चीं-चीं करती जाती है,




हाथ किसी के ना आती है।

सबको प्यारी लगती है,

पंछियों में न्यारी लगती है।

चोंच से दाने चुगती है,

बड़ी सुंदर, मोहक लगती है।

-महेश साकल्ये

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