हमारे जीवन की कहानी! समय निकाले अपने पारिवारिक जीवन के लिए





            दोस्तों वैसे तो यह रूस के प्रसिद्ध लेखक टॉलस्टॉय की कहानी है लेकिन मुझे  पढ़ने में बहुत अच्छी लगी इसलिए , आपको अपने शब्दों में बता रहा हूँ....जरूर पढ़े और शेयर करे !




एक गांव में एक आदमी  रहता था किसान बहुत मेहनत करता था और खूब खेती करता था वो फिर भी अपने जीवन में खुश नहीं था , तो एक दिन की बात है उस आदमी  के घर एक आगंतुक  (महेमान) आया महेमान उसके यहाँ रात भी रुका , उन दोनों ने बहुत सारी बाते की एवं अपनी आप-बीती एक दूसरे को बताई! तभी उस महेमान ने कहा- "आप इतना परेशान न हो मेरे पास अपकि समस्या का हल है' आदमी  ने पुछा क्या है मुझे बताए? तो वह महेमान  बोला की 'मेरे गांव के पास एक गांव है वह की जमीन बहुत उपजाऊ है और अच्छी है , आप यहां  की सारी जमीन बेच बाच कर वह की जमीन लो , वो मुफ्त में मिल रही है! किसान बहुत खुश हुआ और सुबह का इन्जार करने लगा!  सुबह होते ही उसने अपने सभी जमीन को बेच कर उस गांव की और निकल गया साथ में उसने भोजन और पानी भी रखा ताकि वह भूखा न रहे!
                 उस गांव में पहुंचने के बाद , आदमी वह के लोगों से मिलता है तो उस गांव के लोग कहते है हाँ यहां जमीन मुफ्त है आप जितनी चाहो जमीन घेर  सकते हो लेकिन आपको सूरज डूबने से पहले इस गांव में आना पड़ेगा जहां से आपने जमीन घेरना शुरू किया था!  वह आदमी राजी हो गया और फिर दूसरे दिन की सुबह का इन्तजार करने लगा और रात में सोचने में सो नहीं पाया और पूरी रात गुजार दी!
                 अब सुबह होते ही आदमी शुरू हो जाता है अपनी जमीन घेरना , वह इतना उतावला हो जाता है की वह अपना खाना और पानी भी भूल जाता है , बस चलता जाता और साथ में दौड़ता भी जाता ताकि उसे अधिक  जमीन  मिल सके! वह दौड़ता थक जाता है फिर भी जमीन घेरता , अब दोपहर हो चुकी थी उसे बापिस लौटना था लेकिन वह और लालच में आता है और कोई मील भागता है! तभी उसके मन में आता की अगर में सूरज डूबने से पहले नहीं पहुंचा तो मुझे यह सारी जमीन नहीं मिल पायेगी! ऐसा सोच कर वह वापिस लौटता है लेकिन अब उसे उतनी दूरी तय करना है जितना उसने अपनी जमीन घेरी , फिर उतनी कोशिस करता दौड़ता , भागता और गांव की और आता! आदमी बहुत थक जाता है और श्याम भी ढलने वाली होती है और वह आदमी बहुत परेशान होता है और सोचता है अपने मन में यदि कम जमीन घेरता तो अब उस गांव में पहुंच जाता!
                 अब उस आदमी के पास समय नहीं रहा सूरज डूबने में सिर्फ एक ही किरण नजर आ रही थी इधर उस आदमी की भी दूरी यही करीब २ गज ही रही थी की सूरज डूब जाता है और अँधेरा हो जाता है और उस आदमी को भी ठोकर लगती है और उसकी मृत्यु हो जाती है!
                  दोस्तों इस से हमें यह प्रेरणा मिलती है की इस आदमी के जैसे ही हमारी ज़िंदगी भी इतनी ही भागदौड़ वाली है जिसमे हम चंद रुपयों पैसों के लिए कड़ी महेनत करते और हम अपने समय का ध्यान नहीं रखते बस सुबह स्याम , दिन रात लगे रहते है पैसा कमाने! हमारे पास जितना है हम उस में भी खुश नहीं है फिर भी सोचते है और आने दो , और आने दो  इसमें हम अपने घर परिवार पत्नी ,  बच्चो को समय नहीं दे पाते है जो हमारे पारिवारिक जीवन के लिए उचित नहीं है......!
                दोस्तों यह कहानी आपको कैसी लगी नीचे कमेंट में मुझे बता सकते है और अपने घर परिवार के लिए थोड़ा समय दे ...धन्यवाद दोस्तो फिर हाजिर होंगे एक और नए हिंदी विचार के साथ ..सोनू





0 Comments: