छोटी "जीत" का छोटा "जशन"

दोस्तों यह कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है क्यूंकि यह एक रियल घटना है जिसके बारे में आप को बता रहा हूँा  दोस्तों इस कहानी को आप जरूर पूरा पढ़े...धन्यवाद




एक बार फ्रांस में किसी संस्था ने सर्वश्रेठ लेख प्रतियोगिता आयोजित की! कई विद्वानों ने अपने लेख संस्था को भेजे, उनमे नेपोलियन का भी एक लेख था! नेपोलियन को ही उनके लेख के लिए प्रथम पुरुस्कार मिला।

बहुत समय बाद जब नेपोलियन फ़्रांस का सम्राट बन गये तब उनके एक मंत्री को कहीं से यह बात पता चली! वो उस संस्था के कार्यालय जाकर, नेपोलियन द्वारा लिखे उस लेख की मूल प्रति ले आये! ।




एक दिन सुबह मंत्री ने नेपोलियन को वह लेख दिखाकर पुछा “सम्राट! क्या आप इस लेख के लेखक को जानते हैं?”




नेपोलियन कुछ देर उस लेख को देखते रहे, फिर उसे पास ही जल रहे अलाव में डाल दिया, वह पुराना कागज़ तुरंत जल गया

यह देखकर मंत्री थोडा हेरान हो गए और डर गये, क्यों की उन्होंने तो उम्मीद की थी की सम्राट उसे कुछ इनाम देंगे! उसने डरते हुए पूछा “सम्राट आपने वह लेख क्यों जला दिया?

नेपोलियन ने जवाब दिया “वह लेख मेरे एक समय की छोटी उपलब्धि था! अब उसका कुछ भी महत्त्व नहीं रह गया है!”




दोस्तों हमें अपनी हर छोटी उपलब्धि पर खुश होना चाहिए, उससे सीखकर बड़े लक्ष्यों को हांसिल करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। बहुत से लोगों को देखा जाता है की वे किसी छोटी सी उपलब्धी के हांसिल होने पर गर्व करने लगतें हैं, और सभी लोगो को उसके बारे में अभिमान से दिखातें फिरतें हैं, पर वे लोग यह नहीं जानते की यह वह अपना और दूसरों का समय नष्ट कर रहे हैं! छोटी जीत का छोटा जश्न मनाकर हमें फिर अपनी शक्तियां अपने बड़े लक्ष्यों की तरफ लगाना चाहिए!




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