Sunday, 11 November 2018

जाग तूझे कुछ करना है , ज़िंदगी के पथ पर तुझे संभालना है 
औ राही तू ज़िंदगी के , मुश्किल राह पर चलना है , सोचा है कभी तूने , बंद कुए के बाहर भी एक बड़ा समुन्दर होगा! 
जाग तुझे कुछ करना है , ज़िंदगी के पथ पर तुझे संभालना है! 

आराम किया , हराम किया न कोई किया तूने काम , सोचा है कभी तूने , अमूल्य समय तूने गवा दिया , अब क्या बचा है ज़िंदगी में लेकिन फिर भी जाग तूझे कुछ करना है , ज़िंदगी के पथ पर तुझे संभालना है! 

अब वो समय आ गया , जा जी ले अपनी  ज़िंदगी , अरमान ठन्डे कर ले , फिर मत कहना ज़िंदगी से की मेने कुछ नहीं किया , साहसी बन , डर का इसमें कोई मोल नहीं , जाग तुझे कुछ करना है , ज़िंदगी के पथ पर तुझे संभालना है! औ राही औ दीवाने 

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